मिथिला में सीता — जनकपुर के दुलारी
Mithila Mein Sita — Janakpur Ke Dulāri
A joyful Mithila–Bhojpuri folk-style devotional song, imagining the women of Janakpur singing about their beloved Sita. Simple, repetitive, and meant to feel natural when sung in a group.
मुखड़ा — Refrain
मिथिला में सीता, जनकपुर के दुलारी,
फूलन से सजल अंगनवा।
हँसि-हँसि चलें सिया, पायलिया बाजे,
धन्य भइल मिथिला धामवा।
अरे धन्य भइल मिथिला धामवा,
जनकपुर के दुलारी सिया रामवा।
१. बचपन की सीता
भोरहि भोर सिया उठि जाएँ,
तुलसी पर जल डारी।
फूल चुनि-चुनि थारी सजावें,
हँसे सखियन संग प्यारी।
जनक के आँगन चाँद उतरि आयल,
सुनयना के आँखियन तारा।
सिया जहाँ पग धरि देलीं,
खिल उठल घर-दुआरा।
Meaning:
Sita rises early, waters Tulasi and gathers flowers. Her childhood fills Janaka's home with light. Wherever she walks, the household seems to bloom.
२. मिथिला की बेटी
खेतन में हरियर धान लहराए,
आमन में लागल बौर।
सिया के हँसी सुनतहि लागे,
मधुर भइल हर ठौर।
बेटी जनक के, बेटी मिथिला के,
सबके अँखियन के नूर।
सिया के नामे मंगल गावें,
घर-घर उठे सुरूर।
३. राम आए मिथिला
धनुष उठवले राम रघुराई,
सभे भइल चकित।
सिया के नयन झुकि गइलें,
मनवा भइल पुलकित।
फूल बरसल जनकपुर नगरी,
बाजल ढोल मृदंग।
राम मिले जब सीता से,
मिलि गइल दुई सुगंध।
४. विदाई
अँखियन में नीर भरल हो,
हँसत रहे जनक दुलारी।
“बाबा, अब हम राम संग जइबो,”
कहलीं सिया समझदारी।
मिथिला के बेटी अयोध्या चलीं,
संग लेके आशीष।
पीछे रहि गइल जनकपुर,
आगे राम के देश।
५. सिया की सेवा
राम के संग सिया वन चललीं,
मन में नाहीं भय।
पातन के पत्तल सजा के,
कहलीं — “बैठीं रघुराय।”
कंद-मूल जब सिया परोसे,
राम हँसि के खाईं।
सेवा में जे प्रेम मिले रे,
दुनिया कहाँ से पाईं?
अंतिम मुखड़ा
मिथिला में सीता, जनकपुर के दुलारी,
फूलन से सजल अंगनवा।
राम के संग जब चलीं सिया,
साथ चलल मिथिलवा।
जनक के बेटी, राम की सिया,
प्रेम भइल संसारवा।
सेवा में सुख, प्रेम में पूजा,
सिया सिखवलीं प्यारवा।
अरे धन्य भइल मिथिला धामवा,
जनकपुर के दुलारी सिया रामवा।
The thought behind this one
The first song was Sita's joy in serving Rama.
This second one widens the picture: before she became Rama's Sita, she was Mithila's beloved daughter. Her seva begins not with a grand ritual, but with watering Tulasi, gathering flowers, caring for the home and bringing happiness wherever she goes.
That gives the Seva Series a lovely progression:
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